Chankya Niti: शादी के बाद हर पत्नी अपने पति में चाहती है कुत्ते के ये 5 गुण, रहती है एकदम संतुष्ट

Mohini Kumari
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आचार्य चाणक्य की नीतिशास्त्र बहुत फायदेमंद है। इसमें आचार्य चाणक्य ने मनुष्य जीवन के कई ऐसे मर्म बताए हैं, जिन् हें समझकर कोई भी व्यक्ति अपने जीवन को सुखमय और सफल बना सकता है।

संतुष्ट रहना 

जैसा कि आचार्य चाणक्य ने कहा, प्रत्येक व्यक्ति को यथाशक्ति परिश्रम करना चाहिए और जो कुछ मिलता है, उससे खुश रहना चाहिए। कुत्ता जितना खाता है, उतना संतुष्ट होता है। उसी तरह, पुरुषों को मेहनत से कमाया गया धन से ही परिवार चलाना चाहिए; जिन पुरुषों में यह गुण है, वे सफल होते हैं।

सतर्क रहना 

आचार्य ने कहा कि कुत्ता गहरी नींद में भी सतर्क रहता है, वैसे ही पुरुष को भी अपने परिवार, पत्नी और जिम्मेदारियों को लेकर सतर्क रहना चाहिए। अपने परिवार और खुद की सुरक्षा के लिए शत्रुओं से हमेशा सावधान रहें। कितनी भी गहरी नींद में हो, आप एक हल्की आहट पर ही जाग सकते हैं।ऐसे व्यक्ति की पत्नी हमेशा खुश रहती है।

वफादारीपूर्ण

कुत्ते की वफादारी पर कोई शक नहीं कर सकता, उसी तरह एक आदमी को अपनी पत्नी और काम के प्रति हमेशा वफादार होना चाहिए। पुरुष जो अनजान महिलाओं को देखकर भी लालायित होता है, उसके घर में विवाद पैदा होता है। ऐसे आदमी से स्त्री कभी खुश नहीं रहती क्योंकि पत्नी सिर्फ अपने पति की वफादारी से खुश रहती है।

वीरता

आचार्य कहते हैं कि कुत्ता अपने मालिक की रक्षा करने के लिए अपनी जान तक गंवा सकता है। पुरुषों को भी साहसी होना चाहिए और जरूरत पड़ने पर अपने परिवार और पत्नी के लिए अपनी जान देने से पीछे नहीं हटना चाहिए।

संतोष करना

आचार्य चाणक्य ने कहा कि पुरुष का पहला कर्तव्य है अपनी पत्नी को हर तरह से खुश रखना. जो पुरुष अपनी पत्नी को शारीरिक और मानसिक रूप से खुश रखते हैं, उनकी पत्नी हमेशा खुश रहती है। ऐसा करने वाला पुरुष अपनी पत्नी से हमेशा प्यार करता रहता है।

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