इस जगह शादी के बाद एक दूसरे के ऊपर थूकते है दूल्हा और दुल्हन, 250 साल पुरानी रस्म को देख आपके दिमाग का भी हो जाएगा दही

Mohini Kumari
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अगर कोई किसी पर थूक दे तो झगड़ा होने में देर नहीं लगती। लेकिन, बुरहानपुर में एक ऐसा समाज है, जहां पर एक-दूसरे पर थूकने को स्वागत माना जाता है। यह समाज की 250 वर्ष पुरानी परंपरा है। विवाह के बंधन में बंधने वाले दूल्हा-दुल्हन एक-दूसरे पर दूध और खोपरा चबाकर थूकते हैं।

इसको दूल्हा-दुल्हन का घर में स्वागत कहा जाता है। बुरहानपुर में राठौर तेली समाज में यह परंपरा आज भी जीवित है। शादी होने के बाद जब दूल्हा-दुल्हन अपने घर पर पहुंचते हैं और दूसरे दिन जब सुबह उन्हें नहलाया जाता है, तो उससे पहले यह रस्म निभाई जाती है।

250 साल पुरानी परंपरा

समाज में विवाह संपन्न कराने वाले रितेश पाठक से बात की तो उन्होंने बताया कि राठौर तेली समाज की यह 250 वर्ष पुरानी परंपरा है। शादी में दूल्हा-दुल्हन एक-दूजे के होने पर दूध और खोपरा चबाकर पांच-पांच पिचकारीयां थूकते हैं। इस परंपरा को दूल्हा-दुल्हन का घर पर स्वागत कहा जाता है। समाज में 250 वर्षों से यह परंपरा चली आ रही है और आज भी यह परंपरा जीवित है।

समाज के सामने होती है यह रस्म

इस रस्म को निभाने के लिए समाज के लोग एकत्रित होते हैं, जिसके बाद यह रस्म संपन्न कराई जाती है। ऐसा ही एक नजारा बुरहानपुर के शिकारपुरा क्षेत्र में देखने को मिला, जहां दूल्हे राहुल राठौर का विवाह धानोरा की गुंजन से हुआ, जिसके बाद दूल्हे राहुल के घर पर यह रस्म निभाई गई।

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