पढ़े लिखे लोग भी नही जानते जीजा और बहनोई में क्या है फर्क ? वैसे बहन के पति के लिए इस्तेमाल होते है दोनों नाम पर मतलब है बेहद अलग

Mohini Kumari
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भारतीय समाज (Indian Society) में रिश्तों के मेल को बहुत ही महत्व दिया जाता है। इनमें पापा-मम्मी, चाचा-चाची, मामा-मामी, भैया-भाभी और दीदी-जीजा जैसे सभी नजदीकी रिश्ते शामिल होते हैं। यह रिश्ते न केवल हमारी सांस्कृतिक विरासत को दर्शाते हैं, बल्कि हमारे सामाजिक ढांचे का भी महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।

जीजा और बहनोई नाम के बीच कन्फ़्यूजन

अक्सर हमने देखा है कि बहन के पति को सामान्यत: जीजा (Brother-in-law) कहा जाता है। हालांकि, कई बार उन्हें बहनोई (Bahnoi) के नाम से भी संबोधित किया जाता है। यह एक ऐसा सामाजिक पहलू है जिसे अक्सर लोग समझने का प्रयास करते हैं।

बहनोई और जीजा में अंतर

बहनोई और जीजा के बीच का यह अंतर भले ही छोटा हो, लेकिन यह हमारी सामाजिक विचारधारा का एक अहम हिस्सा है। दरअसल, छोटी बहन के पति को बहनोई कहा जाता है, जबकि बड़ी बहन के पति को जीजा के नाम से संबोधित किया जाता है। यह अंतर उम्र और सम्मान के पारंपरिक विचारों पर आधारित है।

सामाजिक संबंधों में उम्र का प्रभाव

यह अंतर सामाजिक संबंधों (Social Relations) में उम्र के प्रभाव को दिखा रहा है। भारतीय समाज में उम्र का एक विशेष महत्व है और यह रिश्तों के नामकरण में भी साफ ज़ाहिर होता है। छोटी बहन के पति (बहनोई) के प्रति संबोधन और बड़ी बहन के पति (जीजा) के प्रति संबोधन में यह अंतर स्पष्ट रूप से उम्र और सम्मान की भावना को दर्शाता है।

संस्कृति और परंपरा का मेल

बहनोई और जीजा के बीच का यह अंतर हमारी संस्कृति (Culture) और परंपरा (Tradition) के मेल को भी दर्शाता है। यह हमारे सामाजिक ढांचे की विविधता और उसके अनूठे पहलुओं को प्रकट करता है। यह भारतीय समाज की उस विशेषता को भी बताता है जहाँ हर रिश्ते की अपनी एक विशिष्ट पहचान और महत्व होता है।

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