नया ट्रैक्टर खरीदने के नही थे पैसे तो किसान ने बनाया जुगाड़ू ट्रैक्टर, पावर और माइलेज देख तो कम्पनियों के उड़े होश

Mohini Kumari
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आविष्कार आवश्यकता से पैदा होते हैं..। आदमी संसाधनों की कमी होने पर जुगाड़ की शरण लेता है। जी हां, जुगाड़ एक तकनीक है जो हमें अपने “पुरखों” से मिली है।

यह भी दिखाता है कि आदमी तकनीक से अनूठी चीजें कर सकता है। आपने सोशल मीडिया पर उत्कृष्ट वीडियो देखे होंगे। जब कोई बाइक में बैटरी फिट करके उसे इलेक्ट्रिक व्हीकल में बदल देता है, तो दूसरा कुछ और करके लोगों को चौंकाता है।

बिहार के एक किसान ने अब जुगाड़ से ऐसा कमाल किया है कि लोग उसे सराहते नहीं थक रहे हैं। दरअसल, इस किसान ने कबाड़ से एक अद्भुत ट्रैक्टर बनाया है। यह दिलचस्प है कि उनका यह उद्यम आसपास के गांव में इतना लोकप्रिय हो गया कि लोग उन्हें ऐसे ट्रैक्टर बनाने के आदेश दे रहे हैं।

जुगाड़ से बना दिया 350 एचपी ट्रैक्टर

समाचार पत्र ने बताया कि विनोद के पास पर्याप्त धन नहीं था कि वह एक नया ट्रैक्टर खरीद सकता था।इसलिए उन्होंने खुद ही ट्रैक्टर बनाने का फैसला किया और अपनी “जुगाड़ी तकनीक” से इतना अच्छा काम किया

कि इंजीनियर्स भी उनके प्रशंसक बन गए! यह बताया गया कि विनोद ने इस ट्रैक्टर को कबाड़ और घर में पड़े बेकार ‘पम्पिंग सेट’ के इंजन से बनाया है।

विनोद सीवान जिले के फुलवरिया गांव के निवासी हैं और उनकी उम्र पच्चीस वर्ष है। उनका पूरा लोहे का ‘350 एचपी’ ट्रैक्टर जुगाड़ से बनाया गया है।

इस ट्रैक्टर के चक्का से बॉक्स तक सभी गियर लोहे से बनाए गए हैं। ट्रैक्टर का आगे का चक्का ही लोहे का नहीं है।विनोद ने स्वयं वेल्डिंग करके ट्रैक्टर का फ्रेम बनाया और पम्पिंग सेट मशीन का इंजन जोड़कर उसे ट्रैक्टर की शक्ल दी।

उन्होंने दावा किया कि एक लीटर तेल में दस कट्ठा खेत इस ट्रैक्टर से जुताए जा सकते हैं। उनका कहना था कि यह एक सामान्य ट्रैक्टटर की तरह सभी काम कर सकता है।

उन्होंने कहा कि इसके निर्माण में लगभग एक वर्ष की मेहनत और दो लाख रुपये खर्च हुए हैं। अब विनोद को लोगों से ऐसा ट्रैक्टर बनाने के आदेश मिल रहे हैं। @DharatalTVNews, अब ट्विटर पर ट्रेक्टर से जुड़े ये वीडियो पोस्ट किए गए हैं।

यहां देखें ट्रैक्टर का वायरल वीडियो

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