आपकी प्रॉपर्टी पर किसी ने कर लिया है अवैध कब्जा तो कर ले ये काम, इन तरीकों से हट जाएगा कब्जा

Manoj aggarwal
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जमीन और घरों पर अवैध कब्जा हो जाना कोई नयी बात नहीं है। यह कई सालों से चल रहा है। हालाँकि, अब सभी रिकॉर्ड पूरी तरह से ऑनलाइन होने के कारण बहुत से राज्यों में यह समस्या खत्म हो गई है।

फिर भी हमें हर दिन अवैध कब्जे को लेकर विवाद सुनने को मिलता है। यदि कोई अवैध रूप से संपत्ति पर कब्जा कर भी लेता है, तो उससे विवाद करना बेकार है। अगर आप चाहे तो कब्जा छुड़वाना बहुत आसान है।

सरकारी तंत्र खुद इस मामले में आपकी मदद करता है, लेकिन बहुत से लोगों को इस बारे में पूरी जानकारी नहीं है। यदि आप इसे जान लेंगे, तो आप खुद को कभी ऐसी परेशानियों में नहीं डाल देंगे और दूसरों को भी इस तरह की परेशानियों से बचाएँगे।

पीड़ित के पास सिविल या आपराधिक मुकदमे दर्ज करने का विकल्प होता है। लेकिन कानूनी प्रक्रिया कुछ लंबी हो सकती है, मगर हिंसा से देर भली है।

आज हम आपको संपत्ति पर अवैध कब्जे को हटाने के लिए लागू किए जाने वाले कुछ कानूनों के बारे में बता रहे हैं। इसकी पहली तीन धाराएं आपराधिक कानून से संबंधित हैं, जबकि अंतिम धारा सिविल कानून से संबंधित है।

IPC की धारा 420

यह धारा काफी चर्चा में है। धोखाधड़ी में अक्सर इसका उपयोग किया जाता है। ये कानून लागू किए जा सकते हैं अगर बल के इस्तेमाल से किसी व्यक्ति को उसकी संपत्ति से हटाया गया है। पीड़ित व्यक्ति सबसे पहले इस कानून का इस्तेमाल करना चाहिए।

IPC की धारा 406—

यह कानून तब लागू होता है जब कोई व्यक्ति किसी अन्य व्यक्ति की संपत्ति में विश्वास पात्र बनकर उसकी प्रॉपर्टी में सेंध लगाता है। इसे संगीन अपराध माना जाता है। इस धारा के तहत पीड़ित व्यक्ति अपने नजदीकी पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कर सकता है।

धारा 467:

यह कानून लागू होता है अगर फर्जी दस्तावेजों से संपत्ति हथियायी जाती है। इस कानून को हम कूटरचना कानून के नाम से भी जानते है। इसमें कूटनीति के माध्यम से फर्जी दस्तावेज बनाकर संपत्ति हथियाने के मामले को हल किया जाता है।

स्पेसिफिक रिलीफ एक्ट-—

ये सिविल कानून है। इसका उपयोग कुछ ख़ास परिस्थितियों में किया जाता है। इसमें कोई धोखाधड़ी या फर्जी दस्तावेज नहीं बनाए जाते। पीड़ित की संपत्ति पर आरोपी अपनी मर्ज़ी से कब्ज़ा कर लेता है ।

इस कानून की धारा 6 पीड़ित को जल्दी और आसानी से न्याय देने की कोशिश करता है। हालाँकि, इस कानून का एक पेंच है कि कब्ज़ा होने के छह महीने के अंदर ही मुकदमा दर्ज होना चाहिए। दूसरा पेंच यह है कि आप इसके तहत सरकार पर मुकदमा नहीं कर सकते।

आप इनमें से किसी भी कानून का उपयोग कर सकते हैं। यदि आप गलत नहीं हैं, तो सरकार आपकी मदद करेगी और आपको आपकी जमीन या संपत्ति वापस मिलेगी। इस तरह के मामलों में आपको पेशेवर वकील से भी परामर्श लेना चाहिए।

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