सोलर पंप लगवाने पर सरकार दे रही है 60 परसेंट सब्सिडी, बिना किसी देरी के झट से कर दे आवेदन

Mohini Kumari
4 Min Read

खेती की लागत कम करने और बिजली पर निर्भरता कम करने के लिए पीएम कुसुम योजना के तहत राज्यों और केंद्र सरकारों ने किसानों को सोलर पंप लगाने पर 60 प्रतिशत तक सब्सिडी दी जा रही है। खेती की लागत बढ़ी है क्योंकि डीजल महंगा हो गया है, खासकर जहां सिंचाई की अच्छी व्यवस्था नहीं है और किसानों को डीजल पंपों से सिंचाई करनी पड़ती है।

जिन क्षेत्रों में सिंचाई के लिए बिजली की व्यवस्था है, वहां अक्सर पर्याप्त मात्रा में बिजली नहीं मिलती है। ऐसे किसानों को सोलर पंप लगवाना अच्छा है।

इस परियोजना में बिजली या डीजल से चलने वाले सिंचाई पंप को सौर ऊर्जा से चलने वाले पंप में बदलने का भी विचार है। PM कुसुम योजना के तहत दी जाने वाली सब्सिडी में 30 से 30 प्रतिशत केंद्र और राज्य सरकारों का हिस्सा है।

साथ ही, किसानों को सोलर पंप लगाने के लिए अपनी जेब से सिर्फ दस प्रतिशत खर्च करना होगा, क्योंकि उन्हें ३० प्रतिशत बैंक लोन मिलता है। व्यक्तिगत किसान इस योजना के तहत 1 HP से 10 HP तक के पंप लगा सकते हैं।

जिन क्षेत्रों में बिजली नहीं है, वहां व्यक्तिगत किसानों को 7.5 एचपी तक के सोलर पंप लगाने में सरकारी मदद मिलती है। इसके अलावा, व्यक्तिगत किसानों को सोलर पंप की बेंचमार्क लागत या निविदा लागत का पचास प्रतिशत तक सब्सिडी और तीस प्रतिशत लोन प्रदान किया जाता है, जो उत्तर पूर्वी राज्यों, सिक्किम, जम्मू और कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड, लक्षद्वीप और अंडमान एवं निकोबार द्वीप द्वीप समूह में लागू होता है। इन राज्यों में किसानों को अपनी आय का २०% खर्च करना होगा।

सोलर पंप सिंचाई के अलावा बिजली उत्पादन और इस्तेमाल की बाद बची बिजली को वितरण वितरण कंपनियों को बेच सकते हैं। किसानों को इससे अतिरिक्त आय भी मिलेगी। राज्य के विद्युत नियामक आयोग (SERC) किसानों से संबंधित फीड-इन-टैरिफ (FIT) पर बिजली खरीदेगा। यह टैरिफ हर राज्य में अलग हो सकता है।

ऊर्जा मंत्रालय द्वारा 2019 में शुरू की गई इस योजना के तहत किसानों के समूह, सहकारी समितियां, पंचायतें, किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ), जल उपयोगकर्ता संघ (डब्ल्यूए) 500 किलोवाट से 2 मेगावाट की क्षमता के सौर ऊर्जा आधारित बिजली संयंत्र लगा सकते हैं। उन्हें भी व्यक्तिगत किसानों की तरह तीस प्रतिशत लोन और तीस प्रतिशत सब्सिडी मिलती है।

कहाँ आवेदन करें

आप भी pmkusum.mnre.gov.in नामक आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर सब्सिडी वाला सोलर पंप पाने के लिए एक ऑनलाइन फॉर्म भर सकते हैं।

आप भी अपने निवास राज्य के आधिकारिक वेबसाइट पर ऑनलाइन फॉर्म भर सकते हैं। साथ ही, राज्यों के विद्युत विभाग से भी इस बारे में अधिक जानकारी मिल सकती है।

किन दस्तावेजों की आवश्यकता होगी?

ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन फार्म भरने के बाद आपको आवश्यक जानकारी देनी होगी, जिसमें आधार कार्ड, जमीन के दस्तावेजों (खाता-खसरा नंबर), एक घोषणा पत्र, बैंक खाते का विवरण जो आधार से जुड़ा हुआ है, और मोबाइल नंबर शामिल हैं।

योजना का उद्देश्य 31 मार्च, 2026 तक ग्रामीण क्षेत्रों में 30,800 मेगावाट की सौर क्षमता बनाना है और 15 लाख कृषि पंपों को सोलर पंपों में बदलना है।

Share this Article