बादलों के बीच गहरी घाटियों में बसा हुआ है ये भारत का अनोखा गांव, चारों तरफ की खूबसूरती देखकर दिल हो जाएगा खुश

Mohini Kumari
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अगर घूमने का भी शौक है। कहीं जाने का विचार कर रहे हैं। यदि आप एक सुंदर गांव की तलाश में हैं, तो आज हम आपको एक गांव की सैर कराने जा रहे हैं। ये गांव बादलों के बीच खूबसूरत है। तीन ओर गहरी घाटियां, बहती नदियों का शोर और चहकते पक्षियों का कलरव आपको आकर्षित करेंगे। ये एक जगह है जहां आप बादलों को छूकर वापस आ सकते हैं। यह इतना सुंदर है कि स्विट्जरलैंड भी इससे पीछे रह जाएगा। ये स्थान भारत में है विदेश में नहीं।

शिलांग से लगभग 60 किलोमीटर दूर

हम बात कर रहे हैं मेघालय के पूर्वी घाटी हिल्स में बसे नोंगजोंग गांव की। यहां बहुत सुहावना मौसम है और लोग बादलों के बीच रहते हैं। शिलांग से लगभग 60 किलोमीटर दूर बसे इस गांव में जाना हर व्यक्ति चाहता है। यहां पर्यटकों को सबसे अधिक ट्रैकिंग पसंद है। ट्रेडिशनल लाइफस् टाइल के लिए प्रसिद्ध इस गांव के लोगों को देखकर आप खुश हो जाएंगे। यह गांव मेघालय के सबसे सुंदर पर्यटन स्थलों में से एक है क्योंकि यह पहाड़ियों, पुराने झरनों और सुंदर नदियों से घिरा है।

सूर्योदय और सूर्यास्‍त का नजारा अद्भुत

नोंगजोंग गांव में सूर्योदय और सूर्यास्त की सुंदर तस्वीरें हैं। हर साल हजारों पर्यटक इसे देखने आते हैं और बादलों के बीच कुछ समय बिताते हैं। यहां जाकर आपको लगता है कि आप बादलों के बीच बैठे हुए हैं। धरती कहीं भी दिखाई नहीं देगी। कुछ लोगों का कहना है कि शिलांग पहुंचने में दो घंटे से भी अधिक समय लग सकता है, इसलिए तड़के दो बजे शिलांग से निकलना चाहिए।

एक दिन पहले शाम को पहुंचाना बेहतर

विशेष रूप से, इस क्षेत्र में स्ट्रीट लाइट, साइन बोर्ड, पेट्रोल पंप और Google Map भी नहीं होंगे। सड़कों पर आपको कोई रास्ता भी नहीं बताएगा। बेहतर होगा कि आप एक दिन पहले शाम को यहां पहुंच जाएं क्योंकि घाटियों में अंधेरा है। पूरी रात इस सुंदर गांव में बिताओ। यहां की स्थानीय खाना खाने का आनंद लें। गीत सुनें। व्यक्तिगत बातचीत में समय बिताएं। आपको इससे अधिक आनंद कहीं नहीं मिलेगा। नवंबर से फरवरी के बीच यहां जाने का सबसे अच्छा समय है। तब इस गांव में सबसे अच्छा मौसम होता है। गर्मियों में दिन में कुछ गर्मी महसूस होगी।

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