व्हिस्की,वाइन,रम और वाइन में से किसमे होता है ज्यादा नशा, जाने सर्दियों के मौसम के लिए कौनसा है बढ़िया

Mohini Kumari
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शराब के शौकीन लोग अच्छी तरह से जानते हैं कि रम, वोदका, वाइन, बीयर और व्हिस्की में क्या अंतर होता है. वहीं, सामान्य लोग कभी-कभार शराब पीते हैं। ऐसे लोग ज्‍यादातर बार अपना तय ब्रांड ही इस्‍तेमाल करते हैं.

अमूमन ऐसे लोगों को शराब के अलग-अलग प्रकारों की जानकारी कम ही होती है. वहीं, शराब नहीं पीने वालों के बारे में पता लगाना मुश्किल है। फिर भी कुछ लोग ना पीते हुए भी इनके बारे में काफी जानकारी रखते हैं.

रम में बहुत अधिक अल्कोहल होता है। रम में 40 प्रतिशत से अधिक अल्कोहल होता है। वहीं, इसकी कीमत भी बहुत कम है। सर्दियों में अधिकांश लोग रम पीते हैं।

रम को बनाने के लिए पहले गन्‍ने के रस का फर्मंटेशन किया जाता है. इसके बाद इसे निकाल दिया जाता है। जले हुए ओक या लकड़ी के बैरल में रम को कुछ समय के लिए रखने से रंग गहरा और स्वाद ज्‍यादा तीखा हो जाता है. कई बार रम में रंग और स्वाद के लिए गुड़, जली हुई चीनी या कारमेल मिलाया जाता है.

पानी की तरह पारदर्शी दिखने वाली वोदका में 60 फीसदी तक अल्कोहल होता है. इसलिए इसका असर तेजी से होता है और काफी देर तक रहता है. रूस और ईस्‍ट यूरोप में इसका उत्पादन सबसे ज्‍यादा होता है.

वोदका को अनाज और शीरे से बनाया जाता है. वोदका को किसी भी स्‍टार्च या चीनी संयंत्र में बनाया जा सकता है. आजकल सबसे ज्‍यादा वोदका अनाज, चारा, मकई या गेहूं से बनाई जाती है. अनाज के मामले में गेहूं से बनी वोदका को सबसे बेहतर माना जाता है.

वाइन रेड और वाइट कलर में आती है. इसमें अल्कोहल की मात्रा कम होती है. इसका स्वाद बहुत हल्का है। इसमें 9% से 18% अल्कोहल होता है।

इसमें अंगूर सबसे अधिक प्रयोग किया जाता है। लाल या काले अंगूर के पल्प से रेड वाइन बनती है। अंगूर के छिलके इसका पोषण करते हैं।

व्हाइट वाइन फर्मेंटिंग जूस से बनाई जाती है। इसे करने के लिए अंगूर का रस निकाला जाता है। इसमें छिलकों का कोई उपयोग नहीं होता।

व्हिस्की गेहूं और जौ से बनाई जाती है। इसमें 30 से 65 प्रतिशत अल्कोहल होता है। व्हिस्की में आम तौर पर 40 प्रतिशत अल्कोहल होता है। यूरोप सबसे अधिक व्हिस्की बनाता है।

यह जौ या गेहूं के अंकुरण से मिलने वाले माल्ट के फर्मंटेशन के बाद घोल के डिस्टिलेशन से बनाया जाता है। राई, जौ या गेहूं को पीसकर पानी और खमीर मिलाकर कुछ व्हिस् की बनाया जाता है।

चावल, मक्का और जौ से बीयर बनाया जाता है। तीनों को गर्म पानी में भिगोया जाता है। मैशिंग के दौरान इसका तरल निकाला जाता है। हॉप्स मिलाकर उबाला जाता है।

फिर इसे ठंडा कर दें। इसके बाद इसमें शीरा मिलाकर फर्मंटेशन और डिस्टिलेशन होता है। इसमें कम से कम 10% अल् कोहल होता है। इसलिए इसका प्रभाव भी कम होता है। ज्यादा मात्रा में इसे लेने पर भी नशा हो सकता है।

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